top of page
Sangeet Bhashay: Terminology of Musical Terms

Sangeet Bhashay: Terminology of Musical Terms

SKU: 9788170182856
₹1,000.00 Regular Price
₹750.00Sale Price
-"पुस्तक परिचय" प्राच्य मनीषियों ने ऐसा स्पष्ट शब्दों में कहा है: "गीतं वाद्यं तथा नृत्यं त्रयं संगीत मुच्यते" तभी तो बत्तमान समय में भी गायन, वादन, और नत्तं न जादि कलाओं का बोध एक मात्र शब्द "संगीत" से ही हुआ करता है। उन तीनों कलाओं के प्रदर्शन के अतिरिक्त शब्द द्वारा उनके स्वरूप एवं सुक्ष्म भावों का स्पष्टीकरण और अभिव्यक्ति करने के लिए जिन पारिभाषिक शब्दों का अपने-2 ग्रन्थों में प्रयोग कर प्राचीन, मध्यकालीन, और आर्वाचीन प्रवीण आचार्य किसी विशेष रस, भाव, रूप एवं गुण का सटीक बोध कराने में समर्थ हुए, उन सभी प्रचलित एव अप्रचलित लगभग 1500 शब्दों की व्याख्या सरलार्थ और भावार्थ वैज्ञानिक प्रणाली से टिप्पणी सहित इस अभिधान में सोदा- हरण प्रस्तुत है। क्लिष्ट साधना और गहन अध्ययन के अतिरिक्त गत चार दशाब्दियों के सफल अध्यापन से प्राप्त अनुभव के आधार पर सुयोग्य लेखक ने आधुनिक काल के प्रचलित संगीत में प्रयुक्त संस्कृत, हिन्दी और उर्दू आदि भाषाओ के अनेकानेक शब्दो का सरल हिन्दी भाषा में स्पष्टी- करण इस शब्दकोष में किया है जिससे समस्त साहित्य और संगीत प्रेमी जनता को कुछ न कुछ लाभ होगा और संगीत निपुण, एम. ए., एम. फिन. के छात्रों तथा शोध कत्र्ताओ को प्राप्त होगा मात्र "प्रेरणा" । राष्ट्र भाषा में संगीत पर इस प्रकार के शब्द- कोष का अभाव वर्षों से रहा है, जिसकी किचित पूत्ति प्रस्तुत पुस्तक "संगीत भाष्य" में लेखक ने करने का प्रयास किया है सुशिक्षित जिज्ञ सुओं के ज्ञान की अभिवृद्धि के प्रयास में लेखक का यह विनम्र उपहार है।
Quantity
No Reviews YetShare your thoughts. Be the first to leave a review.

Copyright © 2023 BR PUBLISHING CORPORATION - All Rights Reserved

bottom of page